Hired Teacher Is Teaching Math: Chemistry Teacher Is Teaching Painting

1.हायर्ड अध्यापक पढ़ा रहे गणित तो केमिस्ट्री वाले चित्रकला का परिचय (Introduction to Hired Teacher Is Teaching Mathematics: Chemistry Teacher Is Teaching Painting)-

इस आर्टिकल में बताया गया है कि सरकारी स्कूलों में बहुत सारे पद रिक्त होने के कारण सरकारी स्कूलों हालत बिगड़ती जा रही है गणित जैसे विषय को पढ़ाने के शिक्षक नहीं है परन्तु सरकारी स्कूलों की स्थिति केवल शिक्षकों की कमी के कारण ही नहीं बिगड़ी बल्कि इसके पीछे ओर भी कारण हैं दूसरा कारण है कि शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध न कराना तथा सरकार व प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं देना तीसरा कारण है। चोथा कारण है अभिभावकों का निष्क्रिय रहना। 
दूसरी तरफ निजी स्कूलों की भी बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं है तो निजी में शिक्षा का व्यवसाय मानकर पढाने के ज्यादातर निजी स्कूल धन बटोरने में लगे रहते हैं। शिक्षकों और अभिभावकों का शोषण हो रहा है। सरकारें आँख बन्द करके इस सारे गोरखधंधे को देख रही है, उन्हें सत्ता में आने के लिए केवल वोट चाहिए। 
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Hired Teacher Is Teaching Math: Chemistry Teacher Is Teaching Painting,Rajasthan University

Rajasthan University ,Hired Teacher Is Teaching Math: Chemistry Teacher Is Teaching Painting

2.हायर्ड अध्यापक पढ़ा रहे गणित तो केमिस्ट्री वाले चित्रकला (Hired Teacher Is Teaching Mathematics: Chemistry Teacher Is Teaching Painting)-

Poor Education: hired teacher is teaching mathematics
प्रदेश में प्रारंभिंक शिक्षा के 25385 पद खाली, माध्यमिक शिक्षा में तो 31790 शिक्षकों की कमी है
2092 विज्ञान संकाय वाले स्कूलों में गणित-केमिस्ट्री-फिजिक्स शिक्षकों के 1025 पद खाली
Sep 22, 2019
जयपुर (आनंद चौधरी/विनोद मित्तल). सरकारी स्कूलों में बच्चों को वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियर बनाने के ख्वाब तो दिखाए जा रहे हैं लेकिन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। कहीं फिजिक्स के टीचर गणित पढ़ा रहे हैं तो कहीं केमिस्ट्री के संस्कृत। हालात ये हैं कि राजस्थान के 2092 विज्ञान संकाय वाले स्कूलों में ही गणित, केमिस्ट्री और फिजिक्स विषयों के व्याख्याताओं के 1025 पद खाली हैं।
Hired Teacher Is Teaching Math: Chemistry Teacher Is Teaching Painting

Hired Teacher Is Teaching Math: Chemistry Teacher Is Teaching Painting

इतना ही नहीं माध्यमिक स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक ज्ञान और संस्कृत जैसे प्रमुख छह विषयाें के वरिष्ठ अध्यापकों 12288 पद खाली हैं। प्रारंभिक शिक्षा में 25 हजार और माध्यमिक शिक्षा में 31 हजार शिक्षकों का इंतजार है। ऐसे हालात में अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि शिक्षा की स्थिति क्या होगी?
केस 1: गणित टीचर नहीं तो फिजिक्स वाले पढ़ा रहे
धौलपुर की बाड़ी तहसील के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय चलाचौंध में विज्ञान संकाय में गणित विषय तो चल रहा है लेकिन दो साल से शिक्षक नहीं है। इस दौरान गणित में प्रवेश लेने वाले अधिकांश छात्र स्कूल छोड़ चुके हैं। स्कूल के एकमात्र गणित के छात्र को फिजिक्स व्याख्याता पढ़ा रहे हैं।
केस 2 : डूंगरपुर में केमिस्ट्री टीचर ही पढ़ा रहे चित्रकला 
राजकीय बालिका आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरपुर में चित्रकला सबजेक्ट तो चल रहा है लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। केमिस्ट्री की व्याख्याता अपने विषय के साथ ही चित्रकला भी पढ़ाती हैं। यहां इतिहास विषय के व्याख्याता भी नहीं हैं। इसी स्कूल में उर्दू विषय में 85 छात्राएं हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। यहां इंटर्नशिप के लिए आए छात्र-छात्राओं के भरोसे यह विषय पढ़ाया जा रहा है।
केस 3: पांच हजार रुपए में निजी शिक्षक रख लिया
राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरपुर की 12वीं कक्षा में गणित विषय के लिए दो साल से शिक्षक नहीं है। स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर यहां पांच हजार रुपए महीने में एक निजी शिक्षक को लगा रखा है ताकि छात्रों की पढ़ाई चलती रहे।
57 हजार पद खाली, भर्तियों का इंतजार
भर्तियां समय पर पूरा नहीं होने का खमियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले साल शुरू हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती तो कैसे तैसे पूरी हो गई, लेकिन वरिष्ठ अध्यापक भर्ती और व्याख्याता भर्ती अभी पूरा होने का इंतजार हैं। इसी लापरवाही के चलते वर्तमान में शिक्षकों को 57 हजार पद खाली पड़े हैं। प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा में विषयवार खाली पदों की स्थिति में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक, इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना दिखाने वाले सरकारी स्कूलों में विज्ञान के ही सैंकड़ों पद खाली पड़े हैं।
322 रसायन, 417 भौतिक विज्ञान, 286 जीव विज्ञान के पदों के भरने का इंतजार है। 
राज्य की 496 स्कूलों में पंजाबी विषय चल रहा है लेकिन इनमें सिर्फ 121 शिक्षक हैं।
प्रारंभिक शिक्षा में 25385 शिक्षकों  की कमी
Category              Granted post     vacant post
Senior Teacher           18645                 8010
Third Grade Level 2    56658                 5206
Third Grade Level  1   123140               8652
Physical Teacher    3   7953                   3517
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Total                           206216               25385
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माध्यमिक शिक्षा में चाहिए 31790 शिक्षक
Category                  Granted post       Vacant Post
Principal                      10847                  496
Headmaster                   3650                 1790
School Lecturer            52699                 9676 
Senior Teacher              73033                12437
Third Grade Level 1-2   84131                7391
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Total                              224360             31790
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विषयवार खाली पदों की संख्या (मा.शिक्षा)

Category                    Granted Post          Vacant Post
Compulsory English     4080                      559
Compulsory Hindi         3793                     390
Biology                           1909                     286
Chemistry                       2386                     322
Physics                            2274                    417
Mathematics                    1229                    376
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Accountancy                     943                     179
Business Studies               938                      177
Painting                             440                      204
Economics                        1737                     372
Geography                         5760                   1276
Political Science                 8543                   1022
Sanskrit                              1613                    357
History                                6808                   1028
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क्योंकि... सरकारी स्कूलों का हर तथ्य सरकार और शिक्षा विभाग के पास मौजूद है। मंत्री-अफसर और शासन प्रमुख स्कूलों के सब हाल जानते हैं। हम पूछेंगे तो वे कहेंगे- सुधार कर रहे हैं, जल्दी सुधार कर देंगे। स्कूलों की बदहाली पर भास्कर ने यह पड़ताल बदलाव के इरादे से की है। जब वे घोषणाओं से अलग सुधार के बड़े फैसले करेंगे, तब इसी ताकत से छापेंगे।

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